Saturday, August 22, 2009

कुछ कही कुछ अनकही "कुछ सुविचार"

साथियों यहाँ पर मै आपके साथ कुछ बाते शेयर करना चाहता हु जो मैंने काफी सारी किताबो से पढ़ा और उन्हें अपने पास किसी खजाने की तरह सहेज रखा है । यकीनी तौर पर मै किसी लेखक का नाम तो नही दे पाउँगा पर पुरी इमानदारी से ये भी कहना चाहूँगा की इनमे से कुछ भी मेरी अपनी न होते हुए भी मेरी अपनी है। आगे आप ख़ुद जाने। इन्हे जब आप पढेंगे तो पाएंगे की ये काफी मजेदार है पर कुछ बाते ऐसी भी होगी जो अन्दर तक आपको भेद जायेगी । तो पेशे नजर है।


  • शादी बिछुओ से भरे थैले में हाथ डालने के समान है जिसमे उम्मीद होती है के जब हाथ बाहर निकलेगा तो उसमे तितली होगी.
  • एक बूढे आदमी का जवान लड़की से शादी करना , उस किताब को खरीदने के समान है जिसे दुसरे लोग पढेंगे।
  • एक भूखे गंदे कुत्ते को आप नहला दीजिये, फ़िर उसे कुछ खिला भी दीजिये तब वो आप को कभी नही काटेगा। कुत्ते और इंसान में बस यही एक फर्क है।
  • शादी के समय लड़के का लड़की का हाथ पकड़ना ठीक वैसे ही है जैसे दो बाक्सर खेल शुरू होने के पहले हाथ मिलाते है।

जहा तक मेरी उड़ान बाकि है !!!

दोस्तों आप सभी का स्वागत है मेरे इस नए ब्लॉग पर। मेरे साथ आप चलेंगे कुछ नई बातो की ओर साथ ही ऐसी नई बाते जो आप जानना चाहते होगे , जो आप चाहते होगे की वो सब कुछ आपको मिले उससे मै आपसे जरूर शेयर करूँगा ये मेरा आपसे वादा है।